Saatvik Solar को मिला ₹638.26 करोड़ का बड़ा TOPCon order, मार्च 2027 तक होगी सप्लाई पूरी

भारत की सौर ऊर्जा क्रांति में एक और बड़ा कदम उठाते हुए Saatvik Solar Industries ने ₹638.26 करोड़ का एक महत्वपूर्ण ऑर्डर हासिल किया है। यह ऑर्डर उन्नत G12R TOPCon PV सेल्स की सप्लाई के लिए मिला है और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। Saatvik Green Energy की सहायक कंपनी Saatvik Solar Industries को यह ऑर्डर देश के एक प्रतिष्ठित सोलर मॉड्यूल निर्माता से मिला है। यह डील न केवल कंपनी की बढ़ती साख को दर्शाती है, बल्कि भारत में हाई-एफिशिएंसी सोलर तकनीक की बढ़ती मांग को भी रेखांकित करती है।

Saatvik Solar Bags 638 Cr TOPCon Deal

Saatvik Solar कौन है और क्यों है यह खास?

Saatvik Green Energy एक integrated solar energy solutions provider है जो हाई-एफिशिएंसी PV मॉड्यूल की मैन्युफैक्चरिंग और EPC (Engineering, Procurement & Construction) सेवाओं में सक्रिय है। कंपनी भारत के अग्रणी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर्स में से एक है और इसकी ऑपरेशनल सोलर PV मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी लगभग 3.8 GW रही है। कंपनी का हेडक्वार्टर गुरुग्राम में है और इसके तीन मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी अंबाला, हरियाणा में हैं जो कुल 724,225 वर्ग फुट में फैले हैं और भारत की सबसे बड़ी सिंगल लोकेशन मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में से एक हैं।

कंपनी की पहुंच केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है। Saatvik के क्लाइंट बेस में बड़े utility प्रोजेक्ट्स, commercial और industrial सेगमेंट, open access, residential rooftop, और solar pump शामिल हैं और कंपनी भारत के सभी हिस्सों के साथ-साथ उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका और दक्षिण एशिया में भी अपने उत्पाद बेचती है।

क्या है यह ₹638.26 करोड़ का ऑर्डर?

Saatvik Green Energy ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि उसकी अनुषंगी कंपनी Saatvik Solar Industries को एक प्रतिष्ठित सोलर मॉड्यूल निर्माता से उन्नत G12R TOPCon सेल्स की सप्लाई के लिए ₹638.26 करोड़ का ऑर्डर प्राप्त हुआ है। इस ऑर्डर को मार्च 2027 तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है।

यह ऑर्डर Saatvik की विस्तार योजनाओं के अनुरूप है जिसमें सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट को मजबूत बनाना शामिल है। इस ऑर्डर से यह भी स्पष्ट होता है कि ग्राहकों का भरोसा कंपनी की तय समयसीमा के भीतर उच्च-गुणवत्ता वाले सोलर घटकों की आपूर्ति करने की क्षमता पर बढ़ रहा है।

G12R TOPCon तकनीक: क्यों है यह गेमचेंजर?

इस ऑर्डर की सबसे अहम बात यह है कि यह अत्याधुनिक G12R TOPCon (Tunnel Oxide Passivated Contact) तकनीक पर आधारित है। TOPCon तकनीक को आज दुनिया भर में हाई-एफिशिएंसी सोलर का भविष्य माना जा रहा है।

TOPCon तकनीक के प्रमुख फायदे

TOPCon सोलर पैनल्स की सबसे बड़ी खासियत उनकी उच्च ऊर्जा दक्षता है। जहां सामान्य Monocrystalline PERC मॉड्यूल केवल 20-21% एफिशिएंसी देते हैं, वहीं TOPCon सोलर पैनल इसे 22.5-23.5% तक ले जाते हैं। इसके अलावा, TOPCon सोलर मॉड्यूल का डिग्रेडेशन रेट भी काफी कम होता है, जहां PERC मॉड्यूल सालाना 0.55% की दर से डिग्रेड होते हैं, वहीं TOPCon पैनल केवल 0.4% या उससे भी कम रेट से डिग्रेड होते हैं।

Saatvik का N-TOPCon G12R मॉड्यूल bifacial glass-to-glass कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध है जो दोनों तरफ से पावर जनरेट करता है। यह P-type मॉड्यूल की तुलना में 10-30% अधिक पावर प्रदान कर सकता है।

यह मॉड्यूल -40°C से +85°C के तापमान रेंज में काम करने में सक्षम है और 2400 पास्कल तक की विंड लोड और 5400 पास्कल तक की स्नो लोड को भी सहन कर सकता है। भारत जैसे देश में जहां गर्मियों में तापमान 45°C से ऊपर जाता है, वहां यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होती है।

Saatvik की विस्तार योजनाएं: ओडिशा से लेकर देश भर में

यह बड़ा ऑर्डर ऐसे समय में आया है जब कंपनी तेजी से अपना विस्तार कर रही है। कंपनी अंबाला, हरियाणा में 4 GW मॉड्यूल कैपेसिटी के साथ-साथ ओडिशा में 4 GW मॉड्यूल और 4.8 GW सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के साथ एक ग्रीनफील्ड फैसिलिटी विकसित कर रही है।

कंपनी के CEO प्रशांत माथुर ने यह भी संकेत दिया है कि ingots और wafers में backward integration की योजना विचाराधीन है, साथ ही transformers, cables और battery energy storage systems जैसे ancillary उत्पादों की दिशा में भी काम हो रहा है। इससे स्पष्ट है कि Saatvik सिर्फ एक मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर नहीं, बल्कि एक फुल-स्केल सोलर इकोसिस्टम बनाने की दिशा में काम कर रही है।

CEO का बयान: भारत की क्लीन एनर्जी यात्रा में भागीदारी

Saatvik Green Energy के CEO प्रशांत माथुर ने इस ऑर्डर पर खुशी जताते हुए कहा कि “यह ऑर्डर उद्योग में हाई-एफिशिएंसी सोलर सेल तकनीकों की ओर बढ़ते बदलाव को दर्शाता है और भारत की क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को विश्वसनीय, हाई-परफॉर्मेंस समाधानों के जरिए सपोर्ट करने की हमारी प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करता है। हम advanced manufacturing में निवेश करना जारी रखते हैं और बाजार की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी क्षमताओं को मजबूत बना रहे हैं।”

पर्यावरण के प्रति भी जिम्मेदारी: EPD सर्टिफिकेशन

Saatvik सिर्फ तकनीक में नहीं, बल्कि पर्यावरण की जिम्मेदारी में भी आगे है। Saatvik Green Energy Limited को अपने N-TOPCON bifacial G12R सोलर मॉड्यूल के लिए Environmental Product Declaration (EPD) सर्टिफिकेशन मिला है और इस तरह कंपनी उन चुनिंदा भारतीय सोलर मैन्युफैक्चरर्स में शामिल हो गई है जिन्होंने The International EPD System के तहत स्वतंत्र रूप से सत्यापित EPD प्रकाशित की है।

N-TOPCON bifacial G12R मॉड्यूल 625 Wp तक की पावर आउटपुट और 23.12% की एफिशिएंसी देता है। EPD के अनुसार, इस मॉड्यूल का cradle-to-gate global warming potential 0.379 kg CO₂-eq/Wp है, जो आधुनिक TOPCon सोलर मॉड्यूल के लिए रिपोर्ट किए गए मूल्यों में सबसे कम में से एक है।

Make in India और भारत के सोलर लक्ष्यों से कनेक्शन

यह डील Saatvik Solar की भारत के सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्थिति को और मजबूत करती है और सरकार की Make in India पहल के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा घटकों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है। भारत ने 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य रखा है और इसमें सोलर एनर्जी की सबसे बड़ी भूमिका है।

जैसे-जैसे भारत अपनी सोलर पावर कैपेसिटी विस्तार को तेज कर रहा है, Saatvik Solar जैसी कंपनियां सोलर तकनीक के लिए self-reliant और resilient supply chain बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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